नैनीताल- – मुख्यमंत्री हेल्प लाइन एप से मिली शिकायतों का निराकरण 

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रिपोर्ट – कान्तापाल/ नैनीताल -सचिव मुख्यमंत्री एवं आयुक्त कुमायू  राजीव रौतेला ने मुख्यमंत्री हैल्प लाइन एप समस्या निस्तारण सम्बन्धी वीडियो कांफ्रेसिंग करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री हैल्प लाइन एवं टाॅल फ्री नम्बर 1905 प्रारम्भ करने का मुख्य उददेश्य दूरस्थ ग्रामीण जनता अपनी शिकायतों एवं परेशानियों को आसानी से विभागीय अधिकारियों तक पहुचा सकें व उनका शीघ्रता से समाधान हो सके, इसलिए अधिकारी जनसमस्याओं के प्रति संवदेनशील हांे व उनका निस्तारण करें। समीक्षा के दौरान मण्डल में सबसे ज्यादा 1123 अनिस्तारित प्रकरण जनपद उधमसिह में पाये गये जिसको लेकर आयुक्त द्वारा खेद व्यक्त किया गया तथा निर्वाचन प्रक्रिया के उपरान्त लम्बित प्रकरणों को तत्परता से निस्तारित किये जाने के निर्देश जिलाधिकारी डा0 नीरज खैरवाल को दिये।
रौतेला ने  मण्डल के जिलाधिकारियों व मण्डलीय अधिकारियों से कहा कि वे एल-1 व एल-2 अधिकारियों के कार्यो का नियमित मानिटरिंग कर उनका निस्तारण कराना  सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि जिन अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर कार्य नही किया जा रहा है उन अधिकारियों को चिन्हित करें ताकि उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जा सके। आयुक्त ने कहा कि एल-1, एल-2 स्तर पर कार्य ना होने के कारण शिकायतें एल-3 व एल-4 स्तर पर जो शिकायतें शिफ्ट हो गई है उन्हें भी कार्यवाही कर त्वरित गति से निस्तारित किया जाए। उन्होने कहा कि पंचायत निर्वाचन के कारण भी कुछ शिकायतें लम्बित हुई है, अधिकारी मतगणना के उपरान्त दीपावली अवकाश से पूर्व लम्बित शिकायतों का निस्तारण करना सुनिश्चित करें जो अधिकारी ढिलाई बरतेंगे उनके खिलाफ मण्डल व शासन स्तर से कार्यवाही की जायेगी। उन्होने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वे मुख्यमंत्री हैल्प लाइन एप मे आ रही समस्याओं के निस्तारण हेतु शीघ्र कार्यशाला का आयोजन करेें, एप मे आ रही समस्याओं के निस्तारण हेतु मुख्यमंत्री कार्यालय नोडल मुख्यमंत्री एप रविन्द्रदत्त व उनकी टीम भी सहयोग करेगी।
सचिव मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायतें एल-3, एल-4 स्तर पर अधिक मात्रा मे शिफ्ट हो रही है इसका मतलब है कि जो शिकायतें जनपद स्तर पर ही निस्तारित हो जानी चाहिए थी मगर  एल-1 व एल-2 स्तर के अधिकारी की लापरवाही व ध्यान ना देने के  कारण समस्यायें अगले स्तर पर शिफ्ट हो रही है जिससे जनता की समस्याओं का समाधान नही हो पा रहा है यदि हो रहा है तो उसमें अनावश्यक समय लग रहा है। उन्होने जिलाधिकारियांे को निर्देश दिये कि वे प्रत्येक सप्ताह मुख्यमंत्री हैल्प लाइन मे प्राप्त शिकायतों के निस्तारण सम्बन्धित बैठक लें व उनका निस्तारण कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि शिकायत कर्ता से शिकायत मिलने व उसके निस्तारण के उपरान्त संवाद करें व उसकी संतुष्टि के उपरान्त ही शिकायत निस्तारित मानी जायेगी। उन्होने कहा जिन अधिकारियों का जनपद से स्थानान्तरण होता है वह अधिकारी अपने आने वाले अधिकारी को सीएम हैल्प लाइन शिकायतें हस्तगत करेंगे तभी कार्यमुक्त होंगे। सचिव श्री रौतेला ने कहा कि प्रदेश मे अभी 32 सेवायें ही सेवा का अधिकार में पंजीकृत है मुख्यमंत्री इन्हें बढाकर 250 सेवायें सेवा के अधिकार मे सम्मलित करना चाहते है इसलिए अधिकारी अभी से जो भी कार्य अथवा शिकायत हंै उन्हे समयबद्ध तरीके से निस्तारण करना सुनिश्चित करें।
विकास भवन से वीडियो कांफ्रेसिंग मे शामिल हुये  सविन बंसल ने जानकारी देते हुये बताया कि जनपद में मुख्यमंत्री हैल्प लाइन एप में जो शिकायतें प्राप्त हो रही है उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जा रहा है। उन्होने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय तथा कुमायू विश्वविद्यालय से सम्बन्धित शिकायते भी सीधा जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संदर्भित कर दी जा रही है जबकि यह दोनो संस्थान स्वायत्त सेवी संस्थायें है जिनकी मानिटरिंग के लिए शासन से ही कराये जाने का सुझाव दिया।