अल्मोड़ा – अनोखे अंदाज में मनाया जाएगा राज्य स्थापना दिवस

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रिपोर्ट -कान्तापाल/अल्मोड़ा – प्रदेश सरकार की पहल पर उत्तराखण्ड राज्य की स्थापना की 19वीं वर्षगाॅठ अनोखे अंदाज में मनायी जा रही है। विगत 02 नवम्बर से प्रदेश के विभिन्न जनपदों में विभिन्न प्रकार के आयोजन कर सरकार प्रदेशवासियों से मुखातिब हो रही है। कार्यक्रमों की कड़ी में गुरूवार को उदयशंकर नाट्य अकादमी में ‘‘मेरे युवा मेरी शान‘‘ विषयक एक दिवसीय युवा सम्मेलन का आयोजन उत्तराखण्ड सरकार एवं एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में उत्तराखण्ड की उदयमान युवा प्रतिभाओं का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ भारत सरकार के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री किरेन रिजिजू बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में मौजूद रहे। इसके साथ ही प्रदेश सरकार के समाज कल्याण एवं परिवहन मंत्री  यशपाल आर्य तथा युवा कल्याण, खेल एवं पंचायती राज मंत्री श्री अरविन्द पाण्डे ने भी शिरकत की। सम्मेलन का शुभारम्भ विशिष्टजनों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया। सम्मेलन में विशिष्टजनों द्वारा युवाओं के संग उत्तराखण्ड में बढ़ते पलायन पर रोक कैसे लगे, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कैसे बढ़ायें जाय, प्रदेश के भविष्य के बारे में क्या सोचते है युवा, राज्य की उन्नति में युवाओं की सहभागिता कैसे बढ़ायी जाय तथा उत्तराखण्ड के अब तक के सफर के बारे में क्या है युवाओं की राय पर विशेष चिन्तन एवं मंथन किया गया।
अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि महान दार्शनिक मार्टिन लूथन किंग ने कहा है कि शिक्षित संस्कारवान एवं प्रतिभावान युवा किसी भी समाज एवं राष्ट्र का अनमोल खजाना है। उन्होंने कहा कि युवाओं में हम प्रदेश एवं देश का उज्जवल भविष्य देखते है। ऐसे में प्रदेश एवं राष्ट्र के विकास में युवाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार एवं उत्तराखण्डवासियों को इस बात पर गर्व है कि उत्तराखण्ड के अनेको युवाओं ने विभिन्न क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित किये है तथा प्रदेश एवं राष्ट्र का मान अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड प्रदेश हर प्रकार से धनी है। प्राकृतिक सौन्दर्य के अलावा अन्य प्रकार से उत्तराखण्ड धनी है ऐसे में प्रदेश में स्वरोजगार के अभूतपूर्व साधन है बावजूद इसके प्रदेश से पलायन होना एक चिन्ता का विषय है। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे उत्तराखण्ड में ही स्वरोजगार को अपनाते हुए यहा स्थायित्व बनाये। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सम्भावनाओं का प्रदेश है। यह पर्यटन प्रदेश है यहाॅ कण-कण में प्राकृतिक सुन्दरता के साथ ही देवताओं का भी वास है। यह ऊर्जा प्रदेश है यहाॅ कृषि, बागवानी, एरोमैटिक खेती और जैविक खेती के साथ ही पशुपालन की असीम सम्भावनायें है। अमूल्य वन सम्पदा होने के कारण यह प्रदेश बायो इकोनामी का केन्द्र है। उन्होंने कहा कि पहाड़ से लेकर मैदान तक, किसान से लेकर मजदूर तक, पर्यटन से लेकर पलायन रोकने तक हर क्षेत्र में सरकार पूरी निष्ठा एवं तत्परता के साथ कार्य कर रही है। पलायन एवं कृषि का सिमटता दायरा अभी भी एक बड़ी चुनौती है। प्रदेश सरकार द्वारा जो भी जनकल्याणकारी योजनायें बनायी जा रही है उसमें युवाओं के हितो का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है अधिक से अधिक पर्यटक प्रदेश में आयें इसके लिए देश के विभिन्न शहरों से उत्तराखण्ड के शहरों के बीच हैली सेवायें प्रारम्भ की गयी है। जिनका सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है। श्री रावत ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिरूल से 200 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकता है। पिरूल से अन्य उत्पाद बनाये जाने की दिशा में कार्य योजना बनायी गयी है। बहुतायत में पर्वतीय क्षेत्र में होने वाला पिरूल वनाग्नि का कारण है। वनो की आग से प्रतिवर्ष हमारी वन सम्पदा के साथ ही वन्य जीव हताहत होते है वहीं प्रदेश का प्रदूषण भी प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर उत्पादित होने वाले पिरूल की पत्तियों से वर्तमान में 22 प्रोजेक्ट की मंजूरी दी गयी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सहासिक खेलो को बढ़ावा देने के लिए अलग से विभाग का गठन कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 13 नये नये पर्यटक डेस्टिनेशन विकसित किये जाने की कार्य योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के प्रत्येक जनपद में एक-एक नये पर्यटक डेस्टिनेशन का चयन किया गया है। अल्मोड़ा जनपद में कटारमल को नया पर्यटक डेस्टिनेशन विकसित करने की कार्यवाही की जा रही हैं ताकि बाहर से आने वाले पर्यटक नैनीताल, मसूरी, कौसानी, औली के अलावा नये पर्यटक स्थलों से भी रूबरू हो और वहाॅ भी भ्रमण को जाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन उत्तराखण्ड की ही नहीं बल्कि अन्य जगहों की भी समस्या है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार तथा स्वास्थ्य के लिए भी लोग पलायन कर रहे है। हमारा प्रयास है कि हम शिक्षा की बेहतरी की दिशा में आगे बढ़े। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सबसे अधिक पाॅलिटैक्नीक, आई0टी0आई0, मेडिकल कालेज व शिक्षण संस्थान खोले गये है। इसके साथ ही स्वयंसहायता समूहों के माध्यम से प्रदेश में लगभग तीन लाख महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि नौकरी से बेहतर स्वरोजगार है। उन्होंने कहा कि भांग की खेती पर उसके रेशे से लगभग 300 तरह के उत्पाद बनाये जा सकते है जिनकी राष्ट्रीय एवं अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बहुत डिमांड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें सेवा व्यवसाय बढ़ाने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे प्रदेश के विकास में अपनी भागीदारी करते हुए उन्नत उत्तराखण्ड के निर्माण में अपना योगदान दें।
अपने सम्बोधन में केन्द्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री  किरेन रिजिजू ने कहा कि जिस राष्ट्र ने युवा शक्ति का इस्तेमाल सही तरीके से किया है तो वह उस राष्ट्र की ताकत बन जाती है। इतिहास गवाह है कि युवा शक्ति ने देश को समय-समय नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2028 में होने वाले औलम्पिक खेलों में शीर्ष 10 देशों में शामिल हो और बहुतायत में विभिन्न प्रकार के मेडल जीत कर विश्व पटल पर अपनी धमाकेदार हाजरी लगा सके। उन्होंने कहा कि औलम्पिक खेलों में एक या दो पदक लेकर संतोष करने वाला देश नहीं है। भारत सरकार नये सिरे खेल नीति, खेलों के विकास, प्रशिक्षण की व्यवस्था करने जा रही है। इसके साथ ही जिन खिलाड़ियों ने देश के लिए प्रतिभाग किया है उनको पेंशन एवं स्वास्थ्य सुविधायें तत्काल उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इसका आंकलन भारत सरकार द्वारा समय-समय पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में 05 आधुनिकतम प्रशिक्षण केन्द्र आने वाले दो वर्षों के भीतर स्थापित कर दिये जायेंगे जिसके लिए वित्तीय व्यवस्था भारत सरकार द्वारा की जायेगी। उन्होंने कहा कि खेलों में रिकार्ड बनाने के लिए खिलाड़ियों को बेहतर एवं नियोजित प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक है। श्री रिजिजू ने बताया कि भारत सरकार द्वारा खेलो इण्डिया एक महत्वाकांक्षी योजना लागू की गयी है। इस योजना के तहत पूरे देश में खेलो के विकास एवं खेल का माहौल बनाये जाने का कार्य किया जा रहा है।
युवाओं को सम्बोधित करते हुए परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री  यशपाल आर्य ने कहा कि आज के युवा देश का भविष्य है। युवाओं की नई सोच भविष्य का उत्तराखण्ड के विकास का आधार बनेगा। आने वाला भारत भी युवाओं के चिन्तन पर आधारित होगा। अपने सम्बोधन में युवा कल्याण एवं खेल मंत्री श्री अरविन्द पाण्डे ने कहा कि तकनीकी के साथ संस्कृति के ध्वजवाहक है हमारे प्रदेश के उदयमान युवा। श्री पाण्डे ने कहा कि युवाओं के कल्याण एवं विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अनेक जनकल्याणकारी योजनायें संचालित की जा रही है। प्रदेश में युवाओं के कौशल विकास के लिए भारत सरकार की कौशल विकास योजना के माध्यम से युवाओं को रोजगार दिये जाने के लिए कार्य किया जा रहा है।