नैनीताल- जमरानी बांध से प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु शीघ्र भूमि तलाशने के निर्देश

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कान्तापाल/नैनीताल- – आयुक्त/सचिव मुख्यमंत्री राजीव राजीव रौतेला ने जमरांनी बांध विस्थापन सम्बन्धित बैठक लेते हुये जिलाधिकारी नैनीताल सविन बंसल व जिलाधिकारी उधमसिह नगर डा0 नीरज खैरवाल को निर्देश दिये कि वे  जमरानी बांध से प्रभावित परिवारों के विस्थापन हेतु शीघ्र भूमि तलाशने के निर्देश दिए । उन्होने जिलाधिकारी नैनीताल सविन बंसल से कहा कि वे शीघ्र जमरानी बांध डूब क्षेत्र के 6 गांवों के साथ ही अन्य प्रभावित 9 गांववासियों से वार्ता करें व जनसुनवाई करना सुनिश्चित करें ताकि अग्रिम कार्यवाही की जा सके।
सचिव मुख्यमंत्री राजीव रौतेला ने मुख्य अभियन्ता सिचाई से कहा कि वे जमरानी बांध प्रभावित सभी 15 गांवोे की भूमि का अपने स्तर से सर्वे करायें। जिस पर मुख्य अभियन्ता द्वारा अवगत कराया गया कि जिलाधिकारी नैनीताल द्वारा जमरानी प्रभावित गांवों के सर्वे हेतु संयुक्त समिति गठन कर दिया गया है, शीघ्र ही समिति द्वारा सभी गांवो का सर्वे कर पीलर लगाने का कार्य प्रारम्भ कर दिया जायेगा। उन्होने बताया कि जमरांनी बांध के डूब क्षेत्र मेे 6 गांव के 320 परिवार व नदी के नीचे की ओर प्रभावित 9 गांव में 142 परिवार आ रहे है। उन्होने बताया कि बनबसा बाजार के पास 135 हेक्टेअर (लगभग 337 एकड) भूमि चिन्हित कर विभाग द्वारा कब्जे मे ले ली गई है। भूमि की मांप कर पीलर भी लगा दिये गये है। उन्होने सचिव मुख्यमंत्री से जमरांनी हेतु अतिरिक्त स्टाफ तैनाती का अनुरोध किया। जिस पर सचिव मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव से स्टाफ तैनाती हेतु दूरभाष पर वार्ता की।
जिलाधिकारी नैनीताल  बंसल ने बताया कि जमरानी बांध डूब क्षेत्र प्रभावितों द्वारा नैनीताल जनपद में भूमि देने का आग्रह किया गया साथ ही एक व्यक्ति को नियोजन की बात भी कही। जिलाधिकारी उधमसिह नगर डा0 खैरवाल ने बताया कि खटीमा टनकपुर रोड पर कुलहानी गांव में 17 एकड भूमि, बाजपुर ब्यौहारी क्षेत्र में 83 एकड तथा सितारगंज जेल में लगभग 400 एकड भूमि तलाश ली गई है। जिस पर सचिव मुख्यमंत्री ने अधीक्षण अभियन्ता श्री संजय शुक्ला व सितारगंज जेलर को आज ही भूमि का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिये।
आयुक्त ने आरटीओ को निर्देश देते हुये कहा कि तराई-भाबर मे खनन के साथ ही गन्ने का सीजन प्रारम्भ हो गया है इसलिए सडक दुर्घटनाओं पर रोक लगाने हेतु ट्रकों, ट्रालियों में बैक लाईट व रिफलेक्टर लगवाने के साथ ही  ओवरलोडिंग पर अभियान चलाकर अंकुश लगाना सुनिश्चित करें।