आगरा- सारस्वत ब्राह्रमण लंकापति दशानन(रावण) पूजा समिति ने दशहरे को मोक्ष पर्व के रूप में मनाया 

0
13

रिपोर्ट -नसीम अहमद/आगरा – सारस्वत ब्राह्रमण लंकापति दशानन(रावण) पूजा समिति आगरा लंका के महाराजा रावण शिवभक्त थे,वे मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम द्वारा मनुष्यता के लिए रची गई प्रभु लीला का अहम हिस्सा था।दशहरा के दिन प्रभु श्री राम के वाण और राम राम पुकारते हुए रावण मोक्ष को प्राप्त हुए। प्रभु श्री राम की लीला में रावण के माध्यम से समाज से बुराईयों का अंत किया गया, इसी तरह से हम सभी को दशहरा पर बुराईयों का अंत करना चाहिए। इसके लिए रावण दहन की जगह बुराईयों का अंत करने की जरूरत है। मंगलवार को दशहरा पर सारस्वत ब्राहृमण समाज लंकापति दशानन (रावण) पूजा समिति ने रावण दहन का विरोध किया। आगरा में जुटे सारस्वत ब्राहृमण समाज के लोगों ने रावण का मोक्ष पर्व मनाया। डॉ मदन मोहन शर्मा ने कहा कि रावण ने महापराक्रमी,त्रिलोक विजेता थे,उन्होंने शिव तांडव रचा,वे वेदो के ज्ञाता और सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी थे।औषधियों के ज्ञाता, वाद्य यंत्रो के रचियता,जल प्रबंधन के रचियता, कुशल शासक-तेजस्वी थे,उन्होंने नमन करते हुए पत्र के माध्यम से लंकापति  दशानन (रावण) पूजा समिति के अध्यक्ष डॉ मदन मोहन शर्मा संयोजक उमाकांत सारस्वत एडवोकेट ने आगरा एनजीटी में गुहार लगाई गई है।इसमें प्रत्येक वर्ष रावण के दहन के विरोध किया है। इससे होने वाले प्रदूषण से जनजीवन को हो रहे नुकसान का हवाला दिया गया है।
मोक्ष पर्व में उमाकान्त सारस्वत एडवोकेट,संयोजक लंकापति दशानन (रावण) पूजा समिति कल्लो फक्कड़,सोनू पंडित,नीरज सारस्वत,सोनू शर्मा,तुषार शर्मा,दीपक सारस्वत अमन सारस्वत,नकुल सारस्वत, सचिन सारस्वत,राजकुमार विनय शर्मा (बॉबी),राहुल सारस्वत मौजूद रहे।