करनाल – ईमानदार सरकार के ईमानदार मंत्री क्यों हारे

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करनाल – 75 पार का नारा देने वाली ईमानदार सरकार के ईमानदार मंत्री क्यों हार गए इस पर लोग अलग अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं l  यह बात भी काफी हद तक सही है कि यदि इतने बड़े ओहदे पर बैठे मंत्री भी सिर्फ अपने हलकों में ही जनता से तालमेल नहीं बना पाए तो पार्टी को इनके कार्यकाल में किये गए कामों की समीक्षा करनी चाहिए कि जनता ने उनसे किनारा किया या उन्होंने जनता से l क्योंकि सारे पावरफुल मंत्री चुनाव हार गए l हालाँकि मीडिया में काफी पहले से ही नेताओं ,मंत्रियों से जनता के नाखुश होने की खबरें आ रही थी जिसे उच्च पदों पर बैठे नेताओं ने गंभीरता से नहीं लिया और मोदी के नाम के सहारे  ही नैया पार लगने की बाट जोहते रहे l राजनीति के जानकर बता रहे हैं कि देश के इतिहास में शायद ही ऐसा हुआ होगा कि एक ही पारी के बाद सारी सरकार ही हार गई हो सिर्फ दो को छोड़कर l  सोशल मीडिया पर तरह तरह की बातें की जा रही हैं और इसे लेकर आडियो भी वायरल हो रहे हैं  जिनकी सच्चाई की पुष्टि अभी नहीं हुई है l रादौर से पूर्व मंत्री कर्णदेव काम्बोज ने भी अपनी हार का ठीकरा पूर्व विधायक पर फोड़ दिया l

कांग्रेस नेता त्रिलोचन सिंह ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि इनकी सीटें कम आना, जनता की कसौटी पर खरा नहीं उतरना ये बताता है कि ये ईमानदार सरकार नहीं है उन्होंने कहा कि हरियाणा का मुखिया एक लाख पार का नारा देने के बाद अपने हल्के में ही पहले से भी कम वोटों से जीता है और कांग्रेस को पहले से अधिक वोट मिले हैं l जिन पर ये दिन रात भ्र्ष्टाचार के आरोप लगाते थे उनके साथ जोड़ तोड़ करके सरकार बना रहे हैं l आटा घोटाले के आरोपी को अपनी पार्टी में शामिल किया है  l ये तो केवल समय व्यतीत करने वाली सरकार है l उन्होंने कहा कि किसानों को पराली की दवाई पर सब्सिडी देने की बात कर रहे हैं जो केवल ढोंग है उस दवाई का रेट 20 रूपये है ये सरकार केवल ईमानदारी का ढोंग करती है किसी की भी हितैषी नहीं है l