करनाल -खेतो में अवशेषों  को आग लगाने पर 73 के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज

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करनाल – खेतो में फसल अवशेषों को आग लगाने तथा ईंट भट्ठों  की चिमनी से निकलने वाले धुएं से उत्पन्न प्रदूषण व स्मॉग से जहरीली हो चुकी हवा को देखते हुए सरकार अब दोषी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के मूड में आ गई है। चिन्ता का सबब बन चुके इस मुद्ïदे को लेकर प्रदेश की मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा ने सोमवार को सभी उपायुक्तो के साथ विडियो कॉन्फ्रैंस कर उन्हें स्थिति से निपटने के लिए और अधिक प्रभावी कदम उठाने के निर्देश देकर दोषी व्यक्तियों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करने को कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि जहां भी बिना एस.एम.एस. के खेतों में काम करती कम्बाईन मशीने दिखाई दें, उन्हें जब्त कर लिया जाए। जिस खेत में फसल अवशेषों को आग लगी हो, फायर ब्रिगेड को  बुलाकर उसे बुझाने का काम करें तथा इस का खर्चा सम्बधित खेत मालिक से लें। उन्होंने कहा कि जिन गावों में आग लगाने की ज्यादा घटनाए हुई है, वहां तुरन्त ग्राम सभाओं की बैठक करवाएं। जिसमें प्रशासनिक अथवा राजस्व अधिकारी के अतिरिक्त कृषि विभाग के अधिकारी भी शामिल हों जो किसानों को आग लगाने से होने वाले खतरों बारे अवगत करवाएं। कृषि अधिकारी किसानो को फसल अवशेषों को कृषि मशीनरी की मदद से खेत में ही मिलाने बारे प्रेरित करें। ऐसी सभाओं में प्रगतिशील किसान जिन्होंने ऐसी स्वयं की या कस्टम हायरिंग सेन्टर से मशीने लेकर फसल अवशेष प्रबन्धन के तरीकों को अपनाया है, के अनुभव भी शेयर करवाएं।
उन्होंने उपायुक्तो से आगे कहा कि जिन जिलों में ईंट भट्ठों से उत्सर्जित धुएं से प्रदूषण में इजाफा हो रहा है, उन पर फिलहाल तुरन्त प्रभाव से रोक लगाएं। शहरों अथवा निकाय क्षेत्रों में कूड़े-कचरे में आग लगाने जैसी घटनाए न हों तथा भवन निर्माण के दौरान उठने वाले सीएनडी वेस्ट पर भी उचित कार्यवाही करते हुए चालान करें। उन्होंने निर्देश दिए कि अगले 15 दिन तक सभी सम्बंधित अधिकारी उनके द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट नियमित यानि रोजाना  मुख्यालय चण्ड़ीगढ भेजेंगे।  उन्होंने ये भी कहा कि जो खेतीहर, संस्था या एन.जी.ओ. प्रदूषण को रोकने के लिए अच्छा कार्य कर रही है, उनका उत्साह बढ़ाएं।
विडियो कॉन्फ्रैंसिंग में उपस्थित अतिरिक्त उपायुक्त अनिश यादव ने मुुख्य सचिव को अवगत कराया कि करनाल जिला में फसल अवशेषों को आग लगाने जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन नियमित मॉनिटिं्रग कर रहा है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव में सभाएं कर किसानों को समझा रहे है। जिला में पहले से ही धारा 144 के तहत फसल अवशेषों को आग लगाने की मनाही करते हुए दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के आदेश पारित किए गए हैं।
दूसरी ओर जिला राजस्व अधिकारी के अनुसार चालू खरीफ मौसम में जिला के 14 गांव ऐसे हैं, जिनमें 10 से अधिक यानि 11 से 34 तक आग लगाने की घटनाएं हुई हैं। इसी प्रकार 19 गांव ऐसे हैं, जिनमें आग लगाने की 5 से 10 घटनाएं हुई। इसके अतिरिक्त 39 गांवो में आग लगाने की 2 से 4 घटनाएं हुई, जबकि 77 गांवो में आग लगाने के सिंगल अथवा एक-एक केस हुआ। किसानो से लगातार अपील की जा रही है कि वे फसल कटाई के बाद खेतो में बचे अवशेषो को आग ना लगाएं। डीआरओ के अनुसार खेतो में अवशेषो को आग लगाने के दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इनमें से 73 के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज करवाई जा रही है।
विडियो कॉन्फ्रैंस में कृषि विभाग के उप मण्डल कृषि अधिकारी सुनील बजाड़, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ शेलेन्द्र अरोड़ा तथा एन.एच.ए.आई. के प्रतिनिधि अधिकारी उपस्थित थे।