करनाल -विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार 

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करनाल -पुलिस ने बलवान सिंह वासी कुराना जिला पानीपत की शिकायत के बाद थाना असंध में मुकदमा नं0- 752/01.11.19 धारा 406,420,506 भा.द.स. व 24 इमिग्रेशन एक्ट के तहत दर्ज किया । शिकायतकर्ता ने  बताया कि वर्ष 2018 में मुदई के बेटे जितेन्द्र को यु.एस.ए. भेजने के नाम पर 40 लाख रूपये में आरोपी मेहर सिंह पुत्र मांगे राम वासी पोपड़ा हाल सफीदों रोड़ असंध और गुरजंट पुत्र जोगा सिंह वासी डेरा जोगा डाचर रोड़ जलमाना थाना असंध जिला करनाल से डील हुई थी। जो मुदई द्वारा यह रकम कुछ किष्तों में आरोपियों को देनी थी, जिसमें से कुछ किश्तें पहुंचनें से पहले और कुछ किश्तें पहुंचने के बाद देनी थी। मुदई ने आरोपी को दो किश्तें दी, जिसमें से एक किश्त में 11 लाख रूपये आरोपियों को दिए व दूसरी किश्त  में साढ़े 05 लाख रूपये आरोपीयों को दिए, लेकिन आरोपियों ने वर्ष 2018 में ही उसके बेटे जितेन्द्र को दिल्ली से यु.एस.ए. की बजाय कतर भेज दिया था, फिर कुछ समय रहने के बाद वह वहां से वापिस दिल्ली आ गया और इसके बाद उसे इक्वाडोर, कोलंबिया, पैनामा, कोस्टारिका, निकारएगुआ, हैंडयुरास, गोवटीमाला, मैक्सिको और वहां से दीवार फांदने के बाद इसे यु.एस.ए. में एंटरी की गई। जहां पर यु.एस.ए. मिलिट्री ने जितेन्द्र को गिरफतार कर लिया  व करीब साढ़े 08 माह तक उसे जेल में रखा गया और 05.06.19 को वापिस दिल्ली भेज दिया ।
पुलिस अधीक्षक  सुरेन्द्र सिंह भौरिया कि जाँच के बाद  दोनों आरोपियों मेहर सिंह पुत्र मांगे राम वासी पोपड़ा हाल सफीदों रोड़ असंध को कस्बा असंध क्षेत्र से और गुरजंट पुत्र जोगा सिंह वासी डेरा जोगा डाचर रोड़ जलमाना थाना असंध जिला करनाल को जलमाना क्षेत्र से गिरफतार किया है । जिन्हें अदालत के सामने पेशकर चार दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया।  रिमांड में आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और मामलों के संबंध में पता लगाया जा रहा है। आरोपियों से प्राप्त जानकारी में सामने आया कि विदेश जाने के इस पूरे प्रकरण को डांकी कहते हैं और जो इस प्रकरण को चलाता है, उसे डोंकर कहते हैं।
पुलिस कप्तान ने कहा कि मेरी सभी अभिभावकों से अपील है कि वे इन मामलों के संबंध में जागरूक बने और अपने बच्चों को कानूनी ढ़ंग से ही दूसरे देशों में भेजें। उन्होंनें बताया कि डांकी विजा पर आपके बच्चे यहां से विदेश जाते हैं और वहां पर डोंकर/एजेंट उन बच्चों को रिसिव करता है। फिर वह उन बच्चों को अलग-अलग देशों से पैदल निकालते हुए मैक्सिकों बार्ड तक लेकर जाता है, जिसके दौरान बच्चों को बर्फ, नदी व जंगल आदि से निकलना पड़ता है। यह सफर इतना दर्द देने वाला होता है कि वहां से जाने वालों की रूह कांप उठती है और बीच रास्ते में कई बार कितनों की मृत्यु भी हो जाती है और उनका शव भी वहीं पर खुर्दबुर्द कर दिया जाता है, इसलिए बिल्कुल भी किसी फर्जी एजेंट व आफिसों का सहारा न लें और यदि कोई आपको किसी प्रकार के लुभावने सपने दिखाकर फुसलाने की कोशिश करे तो उसके संबंध में तुरंत पुलिस को सूचना दें। यदि आप अपने बच्चों को बाहर भेजना चाहते हैं तो रजिस्टर एजेंट के माध्यम से ओर कानूनी ढ़ंग से ही अपने बच्चों को विदेश भेजें। यदि आपके पास किसी फर्जी एजेंट के संबंध में कोई सूचना है तो उसे तुरंत पुलिस के साथ सांझा करें और अपने व दूसरों के बच्चों की जान से खिलवाड़ होने से बचाएं।