करनाल – गांधी जयंती पर शहर में हुआ पर्यावरण के लिए पौधारोपण व कपड़े के थैलो का वितरण 

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करनाल -स्वच्छता को ईश्वर तुल्य मानने वाले राष्टï्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर बुधवार का दिन शहर को साफ रखने के साथ-साथ बेकार पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक रहित करने के नाम रहा। इसके तहत नगर निगम और जिला प्रशासन के विशेष प्रयासो से सभी वार्डो में विशेष सफाई अभियान किए गए, जिसमें श्रमदान के साथ-साथ पौधारोपण भी किया गया। सफाईकर्ताओं के साथ-साथ नागरिकों ने भी अपनी भागीदारी देकर पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक को उठाकर श्रमदान किया और शहर को पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए पौधे लगाए।
कार्यक्रमो की शुरूआत शहर की नई अनाज मण्ड़ी से हुई, जिसमें उपायुक्त विनय प्रताप सिंह बतौर मुख्यतिथि आमंत्रित थे। उन्होंने निगम आयुक्त निशांत कुमार यादव के साथ एक त्रिवेणी (नीम, पीपल, वट) लगाई। एसीयूटी आशीष सिन्हा आईएएस, उप निगमायुक्त धीरज कुमार सहित सभी ने मिलकर अपने हाथो से एक-एक पौधा लगाया। पौधा का इंतजाम वन मण्डल अधिकारी बिजेन्द्र सिंह की ओर से किया गया था। इस दौरान मण्डी बोर्ड के अधिकारी, कर्मचारी भी उपस्थित थे।
इसके पश्चात उपायुक्त और अन्य अधिकारियों ने नई सब्जी मण्ड़ी जाकर सफाई अभियान में श्रमदान किया और वहां एकत्रित फड़ी दुकानदारो को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि 2 अक्तूबर का दिन एक पावन दिन है, क्योंकि इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री का जन्म हुआ था। गांधी जी का सबसे प्रिय विषय स्वच्छता था। इसे लेकर आज देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में कृतज्ञ राष्ट्र पोलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक से मुक्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि करनाल का नाम प्रदेश के साथ-साथ देश के स्वच्छ शहरो में भी लिया जाता है। आज के दिन करनाल वासियों को पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक को ना लेने का संकल्प लेना चाहिए। इसके लिए पिछले कई दिनो से नगर निगम की ओर से प्रयास जारी है। नगर निगम कपड़े के थैले बनवाकर शहर में उनका वितरण करवा रहा है और यह बात सही कि लोगो में पॉलीथिन कैरीबैग और सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग ना करने के लिए जागरूकता आई है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि देश में भी जिस तरह से पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक को लेकर पर्यावरणीय समस्याएं बनी हुई थी, उनमें काफी कमी आई है और लोग जागरूक हुए हैं। उन्होंने कार्यक्रम के माध्यम से शहर के तमाम नागरिकों से अपील की कि जहां भी उन्हें बेकार पॉलीथिन और सिंगल यूज़ प्लास्टिक दिखाई दे, उसे उठाकर डस्टबीन में डालें। उपायुक्त ने इस अवसर पर वांल्टियर और फड़ी दुकानदारो को नगर निगम  द्वारा तैयार करवाए गए कपड़े के थैले भी वितरित किए। फड़ी एसोसिएशन के प्रधान दलीप कुमार को 1 हजार कपड़े के थैले देकर कहा गया कि वे ग्राहको और फड़ी वालो को 5 रूपये की बहुत ही जायज कीमत पर इन्हे दें, ताकि दुकानदार ग्राहको को पॉलीथिन कैरीबैग की बजाए, कपड़े के थैलो में सब्जियां दे सके। उपायुक्त ने नई सब्जी मण्ड़ी में घूमकर वहां का दौरा भी किया और किसी भी फड़ी दुकानदार पर पॉलीथिन नहीं मिला। उन्होंने बताया कि आज के दिन नगर निगम क्षेत्र के साथ-साथ जिला की सभी नगर पालिकाओं व गांवो में भी स्वच्छता अभियान किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल लोग श्रमदान करके अपने हाथो से पॉलीथिन व प्लास्टिक वेस्ट को उठाने का काम रहे हैं।
निगमायुक्त निशांत कुमार यादव ने इस अवसर पर बोलते हुए कहा कि बीती 21 सितम्बर से आगामी 27 अक्तूबर दीपावली तक नगर निगम की ओर से स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज 2 अक्तूबर के दिन सभी वार्डों में विशेष सफाई अभियान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभियान का थीम पॉलीथिन व सिंगल यूज़ प्लास्टिक को उठाकर उसे सोलिड वेस्ट प्लांट तक पहुंचाना है। इसके लिए नगर निगम द्वारा कलैक्शन वाहन व टिप्परों की व्यवस्था की गई है। उन्होंने मण्ड़ी दुकानदार व फड़ी वालो से कहा कि आज के दिन कहीं भी बेकार पॉलीथिन व सिंगल यूज़ प्लास्टिक नजर नहीं आना चाहिए, अभियान तभी सार्थक होगा। इस अवसर पर निगमायुक्त ने उपस्थित सभी लोगो से स्वच्छता की शपथ भी दिलाई। नगर निगम की ओर से इस अवसर पर बैग बैंक वाहन का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रमो में निगम के शुभंकर शेरू ने सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
इसके पश्चात निगम आयुक्त ने सैक्टर-12 में स्थित संडे बाजार परिसर और जाट धर्मशाला के साथ लगते हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ग्राउंड में हो रहे सफाई कार्यक्रमो में शिरकत की। इस अवसर पर श्रमदान और पौधारोपण भी किया गया। दूसरीे और शहर के सभी वार्डों में भी श्रमदान और पौधारोपण के कार्यक्रम हुए, जिनमें नागरिको ने बड़ी संख्या में अपनी उपस्ििथत दर्ज करवाई। आज के कार्यक्रम में रैडक्रॉस, सिटीजन ग्रीवेंस कमेटी, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और प्रकाश पब्लिक स्कूल का विशेष योगदान रहा।